सोमवार को अल-अरब अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में सऊदी किंग द्वारा ओमान के सुल्तान हैसम बिन तारिक़ को यात्रा के निमंत्रण का उल्लेख करते हुए लिखा हैः रविवार को सऊदी विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान ने मसक़त की अपनी यात्रा के दौरान ओमान के सुल्तान को किंग सलमान का संदेश दिया, जिसमें उन्हें रियाज़ की यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सऊदी विदेश मंत्री की मसक़त की यात्रा, क्षेत्र में जारी कूटनीतिक गतिविधियों के मद्देनज़र महत्वपूर्ण है और विशेष रूप से इसका संबंध सऊदी अरब और ईरान के रिश्तों से है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि बिन फ़रहान की ओमान और क़तर की यात्रा से ठीक पहले, ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने दोहा और मसक़त की यात्रा की थी, जो तेहरान और रियाज़ के बीच महत्वपूर्ण मध्यस्थ हैं।
इस बीच, फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्र के सूत्रों का मानना है कि संभव है सऊदी अरब, ईरान के साथ समन्वय बनाने और कुछ विशेष शर्तों को बाक़ी रख कर तेहरान के साथ संबंध बहाल करने के लिए तेयार हो। अल-अरब का कहना है कि हालिया दिनों में इराक़ में ईरान और सऊदी अरब के बीच वार्ता की रिपोर्टें सामने आई थीं, हालांकि दोनों पक्षों में से किसी ने अभी तक आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी अधिकारियों ने ईरान के साथ रिश्तों की बहाली को ख़ारिज नहीं किया है, लेकिन ऐसा नहीं लगता है कि रियाज़ अपनी शर्तों से आसानी से पीछ हट जाएगा। रियाज़ की मांग है कि तेहरान अपनी क्षेत्रीय नीति में बदलाव करे। पिछले ही हफ़्ते सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के साथ अच्छे रिश्तों की इच्छा जताई थी।